Shraddha Dubey Absconding: लखनऊ में कारोबारी शिवा शर्मा की मौत के मामले में पुलिस महकमे में कार्रवाई का सिलसिला जारी है। पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा ने अब एसीपी हजरतगंज रजनीश वर्मा को उनके पद से हटा दिया है। इससे पहले डीसीपी सेंट्रल विक्रांत वीर को भी हटाया गया था, जबकि इंस्पेक्टर हजरतगंज विक्रम सिंह को लाइन हाजिर किया जा चुका है। दूसरी ओर, मामले की मुख्य आरोपी बताई जा रही श्रद्धा दुबे अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पुलिस की पकड़ से दूर श्रद्धा दुबे की तलाश में पुलिस की 10 टीमें पिछले 10 दिनों से जुटी हैं। पुलिस के मुताबिक, उसकी तलाश में नेपाल और पश्चिमी उत्तर प्रदेश समेत कई संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। तकनीकी सर्विलांस और अन्य इनपुट के आधार पर भी जांच आगे बढ़ाई जा रही है। इस बीच श्रद्धा के लगातार वीडियो सामने आ रहे हैं। रविवार को एक मीडिया संस्थान से बातचीत का उसका नया वीडियो सामने आया, जिसमें उसने खुद को बेगुनाह बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। श्रद्धा ने वीडियो में क्या दावा किया? करीब 3 मिनट 56 सेकंड के वीडियो में श्रद्धा ने दावा किया कि शिवा शर्मा ने आत्महत्या की थी और उसने उन्हें बिल्डिंग की चौथी मंजिल से कूदते हुए देखा था। उसने बिल्डिंग के सीसीटीवी फुटेज की जांच कराने की मांग करते हुए सवाल उठाया कि अब तक वहां के कैमरों की रिकॉर्डिंग क्यों नहीं निकाली गई। कर्ज और जेवरों का विवाद श्रद्धा के अनुसार, वह शिवा को करीब चार महीने से जानती थी। उसने यह भी दावा किया कि शिवा पर 16 से 17 लाख रुपये का कर्ज था और उन्होंने उससे पैसे मांगे थे। अपने घर से जेवर गायब होने के मामले में उसने आरोप लगाया कि शिवा पांच-छह लाख रुपये के जेवर ले गए थे। ये सभी श्रद्धा के अपने दावे हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। पुलिस की कार्रवाई पर उठ रहे सवाल श्रद्धा ने कहा कि घटना के बाद सदमे और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के कारण उसे शहर छोड़ना पड़ा। उसने पुलिस और न्यायपालिका से निष्पक्ष जांच की अपील की। इधर, शिवा शर्मा की मौत के मामले में अब तक गिरफ्तारी नहीं होने को लेकर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। डीसीपी, इंस्पेक्टर और अब एसीपी पर हुई कार्रवाई के बीच जांच जारी है। पुलिस का अगला कदम क्या होगा और सीसीटीवी फुटेज से क्या सामने आएगा, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं। ये भी पढ़ें: आखिर क्यों BJP विधायकों को सताने लगा टिकट का डर! 2027 से पहले पार्टी में बढ़ी हलचल